SC के पूर्व जस्टिस ने SIR और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, कहा- ‘सुप्रीम कोर्ट को…’
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस अभय एस ओका ने एसआईआर और चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि EC के पास यह अधिकार नहीं है कि कौन भारत का नागरिक है या नहीं.

चुनाव आयोग और SIR में कथित गड़बड़ी को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस अभय एस ओका ने एसआईआर और चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, चुनाव आयोग के पास यह अधिकार नहीं है कि कौन भारत का नागरिक है और कौन नहीं.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की संवैधानिकता को बरकरार रखने के अपने आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस ओका का यह बयान ऐसा समय में आया है, जब एसआईआर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन और कॉकरोच जनता पार्टी ने मोर्चा खोल रखा है. विपक्ष की मांग है कि एसआईआर को रद्द किया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें.
राहुल गांधी और विपक्ष के 10 नेताओं ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के 10 प्रमुख नेताओं ने भी एसआईआर तथा उससे जुड़ी प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मामले में शीर्ष अदालत का रुख किया है. ओवैसी की ओर से पेश वकील निजाम पाशा ने सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच से अपील की है कि उनकी याचिका को उन याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध किया जाए जिन पर गुरुवार को सुनवाई होनी है.
15 अक्टूबर को हो सकती है सुनवाई
चुनाव आयोग के खिलाफ दायर याचिका पर कल यानी 15 अक्टूबर को सुनवाई हो सकती है. SC की वेबसाइट पर राहुल गांधी और 11 विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुनवाई की संभावित तारीख बदली गई है. सुप्रीम कोर्ट की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, 12 अक्टूबर को दायर याचिका और 13 अक्टूबर को रजिस्टर हुई इस याचिका पर 15 अक्टूबर की संभावित सुनवाई तारीख दिखाई गई है. इस याचिका में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) के तौर-तरीके, वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने और ECI के भीतर लिए गए फैसलों के तरीके को चुनौती दी गई है.



